कुछ लोग अपनी बात करते हैं,
साथ देने को जहाँ भर का प्यार रखते हैं..
न जाने साथ चलने से भी डरते हैं ,
जिसे देखो अपनी रह बुनता हैं,
जिसे देखो अपनी चाह धुनता है,
सच दुनिया मैं प्यार कितना कम है..
अपने लिए जादा अपनों के लिए कम है,
कुछ लोग अपनी बात करते हैं,
दूर रहके पास आने की बात करते है..
पास आते ही बहुत दूर की बात करते हैं,
वो हमसे पूछते है क्या नया है,
वो हमसे पूछते तुमने क्या किया है,
चाहत मैं क्या कर गुजरे उन्हें कैसे बताये..
अपनी जान देकर किसी को यकीन दिलाये,
सब लोग अपनी बात करते हैं..
यह दुनिया बड़ी गैर है,
यहाँ लोग चाहत की बात करते हैं..
अगले से जादा खुद को प्यार करते हैं ।
साथ देने को जहाँ भर का प्यार रखते हैं..
न जाने साथ चलने से भी डरते हैं ,
जिसे देखो अपनी रह बुनता हैं,
जिसे देखो अपनी चाह धुनता है,
सच दुनिया मैं प्यार कितना कम है..
अपने लिए जादा अपनों के लिए कम है,
कुछ लोग अपनी बात करते हैं,
दूर रहके पास आने की बात करते है..
पास आते ही बहुत दूर की बात करते हैं,
वो हमसे पूछते है क्या नया है,
वो हमसे पूछते तुमने क्या किया है,
चाहत मैं क्या कर गुजरे उन्हें कैसे बताये..
अपनी जान देकर किसी को यकीन दिलाये,
सब लोग अपनी बात करते हैं..
यह दुनिया बड़ी गैर है,
यहाँ लोग चाहत की बात करते हैं..
अगले से जादा खुद को प्यार करते हैं ।